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Journey of World का पहला स्टेशन: रूस

दोस्तों , आज हम Journey of world के इस अंक में दुनिया के सबसे बड़े देश “ रूस” के बारे में बात करेंगे और साथ ही इस देश से जुड़ी कुछ रोचक बातों को जानेंगे जिनसे हम में से अधिकतर लोग अंजान हैं | दोस्तों , रूस , यूरोप और उत्तर एशिया में स्थित एक विस्तृत क्षेत्रफल वाला देश है , जिसे क्षेत्रफल के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा देश माना गया है , इतना विशाल देश होने के बावजूद रूस की जनसंख्या विश्व में सातवें स्थान पर है , जिसके कारण रूस का जनसंख्या घनत्व सबसे कम है | रूस की अधिकांश जनसंख्या इसके यूरोपीय भाग में बसी है और इसकी राजधानी होने का गौरव मास्को को प्राप्त है , साथ ही रूस की मुख्य भाषा रूसी है | रूस आज दुनिया के शक्तिशाली देशों के श्रेणी में आता है और इसका अतीत भी काफी गौरवमयी है , जहां प्रथम विश्व युद्ध तक ये एक साम्यवादी देश था और पूरी दुनीया को इसी ने साम्य वाद की सौगात दी थी , लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सोवियत संघ एक प्रमुख सामरिक और राजनीतिक शक्ति बनकर उभरा , जिसके चलते अमेरिका के साथ इसकी प्रतिस्पर्धा ने के लंबे समय तक पूरी दुनिया को छकाया | 1980 के दसक से आयी ...

हमारी पृथ्वी: जिससे जुड़ा हमारा अस्तित्व

  दोस्तों मैंने अपने पिछले सौरमण्डल से जुड़े Article में आपको हमारी और आपके अस्तित्व से जुड़ी एक मात्र जीवनदायी ग्रह , पृथ्वी से अवगत कराया था , और आप उसी को Journey of World के इस अंक में आगे बढ़ाते हुए मैं इसकी सम्पूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाने का प्रयास करूंगी , क्योंकि हमारी इस Journey का ये सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है जहां आकार हम मनुष्य अपने-अपने जीवन की ही Journey शुरू करते हैं , तो आइये अपनी धरती को और नजदीक से जानते हैं | हमारी धरती जिसपर वर्तमान में हम मनुष्य एक वृहद परिवार की तरह निवास करते हैं , वो अपने जीवन के 4.54 बिलियन साल पूरे कर चुकी है (रेडियोधर्मी डेटिंग ( Radioactivity) और साक्ष्य के अन्य स्त्रोतों के अनुसार) और तब से लेकर आजतक न जाने कितनी पटकथाएँ हमारी धारा पर लिखी जा चुकी हैं | यही नहीं हमारी ये धरती न केवल हम मनुष्यों को जीवन देती है अपितु ये अन्य लाखों प्रजातियों का भी घर है , जहां सभी धरती द्वारा प्रदत्त संसाधनों के आधार पर अपना-अपना जीवन यापन करते हैं , पर दोस्तों क्या आपको मालूम है कि कई अरबों वर्ष पूर्व जन्मी हमारी धरती अमूल्य निधियों का भंडार ...

नवीन भौगोलिक(Geographical) संरचनाओं के आधार पर बने देश: एक यात्रा

  दोस्तों , जैसा की इस लेख के पूर्व स्वयं द्वारा लिखे लेखों में मैंने मानवीय जीवन के उस स्त्रोत से व्याख्या शुरू की है जहां से जीवन की संभावना का विकास होना शुरू हुआ था और जो आज एक लंबे सफर को तय करते हुए यहाँ तक आ पहुंची है , बस इसी परिचर्चा को हमें और आगे लेकर जाना है | दोस्तों इस पृथ्वी की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि इस पर आदिकाल से आजतक मनुष्यों के रहने योग्य भू क्षेत्रों में अनेकों बदलाव दर्ज किए गए हैं और मौजूदा स्थिति तक पहुँचने में दुनियाई मानचित्र पर अंकित देशों को अपनी परिसीमाओं के आधार पर एक लंबी journey करनी पड़ी है , तो आइये अब हम अपनी Journey of World के इस अंक में पूरी दुनिया में अविस्थित देशों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं , साथ ही इनसे जुड़े रोचक सफ़रनामे पर भी एक नजर डालते हैं | वर्तमान समय पर दुनिया के मानचित्र पर कुल 195 देश अंकित हैं और इन देशों में रहने वाले लोग अपने-अपने निवास स्थान पर रहते हुए अपने जीवन की यात्रा पूरी कर रहे हैं और इन्हीं देशों से जुड़े सभी तथ्यों से मैं आपको Journey of World के आगे आने वाले अंकों में अवगत कराती रहूँगी , लेक...

सौरमण्डल: हमारी पृथ्वी की उत्पत्ति का अगला चरण

जैसा कि Journey of world के पिछले लेख में मैंने आपसे चर्चा की थी पृथ्वी खोज से जुड़े उस अस्तित्व की जिसका पहला पड़ाव था ब्रह्मांड , परंतु अपने सून्य आकार और ग्रीशमता के चलते हुए विस्फोट ने इस विखंडित कर दिया और निर्माण किया अन्तरिक्ष( Space) और आकाशगंगाओं ( Galaxies) का , लेकिन इसके तापमान और घनत्व में आयी कमी ने गुरत्वाकर्षण बल ( Gravitational force) और विधयुत चुम्बकीय बलों( Electro-Magnetic forces) के साथ जब अन्य बलों का उत्सर्जन किया तो बना हमारा सौरमण्डल , जिनमें असंख्य तारे , गृह व उपग्रह , आदि स्थित हैं और इन्हीं में से एक है – हमारी पृथ्वी , जो ग्रहों के श्रेणी में आती है और दूसरा है सूर्य जो तारों के श्रेणी में आता है और पृथ्वी पर हमें जीवन भी देता है , साथ ही सौरमण्डल का मुखिया भी होता है , जिसके चारों ओर अनेकों ग्रह( Planet), धूम-केतू( Comet), छुद्र ग्रह( Asteroids), उल्का( Meteor) और आकाशीय पिंड चक्कर लगाते हैं और इनका यही समूह सौरमण्डल कहलाता है | आइये तो अब जानते हैं , इस सौरमण्डल की सबसे प्रमुख ग्रह , पृथ्वी के बारे में , जिसपर हम निवास करते हैं औ...