आज
हम इंसान जब कभी भी अपनी आँख खोलेते हैं तो हमें अपने इर्द-गिर्द जो दुनिया महसूस
होती है, उसे ही हमारी आँखें सच मान लेती हैं और उसी में जीने
लगती हैं, लेकिन जब इन्ही सच्चइयों को कल्पना के पंखों पर
बैठाकर हम और आप जब दुनिया ढूँढने निकलते हैं तो हमारे मन में सैकड़ों सवाल उठते
हैं कि क्या हमारे आँख से दिखने वाली ये दुनिया ही बस हकीकत है या इससे आगे भी कुछ
और है....बस इस रोचक सफरनामे का वृतांत है “Journey of World”
ब्रह्मांड (Universe): एक खोज
पृथ्वी के अस्तित्व की
तो
आइये अपनी दुनिया के रोचक सफर की शुरुआत इसके प्रथम अस्तित्व ब्रह्मांड से करते
हैं जहां से आगे निकलकर हमारी यात्रा की अन्य कड़ियाँ परत दर परत जुड़ती जाएंगी और
इन कड़ियों को आरंभ करने वाला प्रथम चरण ब्रह्मांड का है|
ब्रह्मांड
(Universe): जिसके बारे में कहा जाता है कि इसकी
उत्पत्ति से पूर्व कुछ भी नहीं था और आंडाकर आकृति वाले ब्रह्मांड का जन्म करीब 13
अरब साल पहले का माना गया है, जो द्रव्य और ऊर्जा के समलित
रूप से मिलकर बना है, यदि हम “Big Bang Theory” पर भरोसा करें तो हमारा ब्रह्मांड अपनी
ग्रीष्म ऊर्जा के चलते धीरे-धीरे इतना गरम हो गया कि इसमें विस्फोट हुआ और ये
असंख्य कड़ों में फैल गया और तब से लेकर आजतक ये फैलता जा रहा है और अपने विस्तार
के साथ ही ये अन्तरिक्ष (Space), आकाश गंगा (Galaxy), हाइड्रोजन और हीलियम जैसे अणुओं का भी निर्माण कर चुका है, लेकिन जब हमारे ब्रह्मांड की ग्रीष्मता और घनत्व कम हुआ तो यहाँ
गृत्वाकर्षण बल (Gravitational force), विधयुत चुंबकीय बल( Electro-Magnetic force) व अन्य बालों का उत्सर्जन प्रारम्भ हुआ और जिसके परिणाम स्वरूप हमारा
सौरमंडल बना, जहां हमारी पृथ्वी (Earth) अन्य ग्रहों (Planets) और तारों (Stars) के साथ चल रही है और चल रहा है हम सबकी प्यारी धरा के न जाने कितने
प्राणवायु जीवनों को जीवंत रखने सिलसिला लेकिन इसके साथ हमारे ब्रह्मांड के कुछ
ऐसे भी रहस्य हैं जो हमें इसकी ओर आकर्षित करते हैं| जो आइये
जानते हैं हमारे ब्रह्मांड से जुड़े इन रहस्यों के बारे में जो इंसानी कल्पना को
हतप्रभ (Surprised) करते हैं|
रहस्यों से भरा हमारा ब्रह्मांड (Universe)
· हमारा ब्रह्मांड अपने अस्तित्व से लेकर आजतक विस्तृत हो रहा है|
· हमारे ब्रह्मांड का प्रसार ही इसमें ग्रहों और तारों के निर्माण
प्रक्रिया को निरंतर जारी रखे हैं|
· हमारे ब्रह्मांड में अवस्थित (situated, सितारे (stars), ग्रह(Planet), उपग्रह, सौरमंडल के सृजन के लिए अनिवार्य
गुरुत्वाकर्षण बल, विद्युत चुंबकीय बल व अन्य बलों के चलते
एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं|
· हमारा ब्रह्मांड जल, बादल, अग्नि, वायु, आकाश और अंधकार
से घिरा हुआ है|
· हमारे ब्रह्मांड में कुछ भी स्थिर नहीं है यानि ब्रह्मांड की हर चीज
गतिमान और परवर्तनशील भी है|
· हमारे ब्रह्मांड में कुल 19 अरब आकाश गंगाएँ (Galaxies) हैं जो एक दूसरे से दूर होती जाती हैं और हमारी पृथ्वी इन्हीं आकाश
गंगाओं में से एक Milky Way में स्थित
है, जहां पृथ्वी के साथ सूर्य भी है|
· हमारी पृथ्वी सौरमंडल का एक साधारण ग्रह है जो सूर्य नाम के तारे की
परिक्रमा करती रहती है|
· हमारे ब्रह्मांड से जुड़े अनेकों सिद्धान्त इस समय शोध का विषय बने हुए
हैं, कहीं एक से ज्यादा ब्रह्मांड की कल्पना पर जोड़ है तो
कहीं शिशु ब्रह्मांड, बुलबुला ब्रह्मांड, समनान्तर ब्रह्मांड की theory को भी शोधात्मक विषय
बनाया गया है|
· हमारी धरती, हमारे ब्रह्मांड का
वो हिस्सा है जो सूर्य से उसके ताप का 200 अरबवां भाग प्राप्त कर जीवन देती है|
· हमारे ब्रह्मांड की Milky Way आकाश गंगा में स्थित धरती को जीवन देने वाला सूर्य लाल रंग का नहीं बल्कि
सफ़ेद रंग का है, जो पृथ्वी के स्वयं के रंग के कारण लाल
दिखाई देता है|
· सबसे बढ़कर यदि हम प्राचीन भारतीय ग्रन्थों को ब्रह्मांड अन्वेषण (Invention) का आधार बनाएँ तो उनके अनुसार महत्तत्व (The Great, Grand Matter) को प्राप्त
किया था, जिसपर शोध जारी है, यही नहीं
प्राचीन भारतीय धर्मग्रन्थों के अनुसार आज हम और आप जिस ब्रह्मांड में रहते हैं वो
14 लोकों में व्याप्त है, जिनमेसे ब्रह्मांड के ऊपरी हिस्से
में कुल सात लोक---भुवर्लोक,स्वर्लोक,यहर्लोक,जनलोक,तपलोक,ब्रहमलोक, सत्यलोक तथा ब्रह्मांड के निचले हिस्से
में सात अतल,वितल, सुतल,तलातल,रसातल और पाताल मध्य में हमारा भू-लोक यानि
हमारी धरती|
तो ये हैं हमारे ब्रह्मांड के कुछ अनमोल रहस्य जिन्हे हम धरतीवासियों
को जानना चाहिए क्योंकि हमारे ब्रह्मांड से जुड़ी ये सारी कड़ियाँ एक-एक कर हमारे
निवास ग्रह से रहस्य कर पर्दा उठाती जाएंगी तो ही हमारी कल्पनाओं की उड़ान को एक
पड़ाव मिल सकेगा...
धन्यवाद आगे की Journey of World एक नए रोचक के साथ...

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